देश भर में खुल गए मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल, मॉल और होटलों में भी काम होगा शुरु

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लॉकडाउन के दौरान करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार से देश में शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, होटल और रेस्तरां फिर से खुलने जा रहे हैं, जिनमें नये नियमों के तहत प्रवेश के लिए टोकन प्रणाली जैसी प्रणालियां होंगी, वहीं मंदिरों में ‘प्रसाद’ आदि का वितरण नहीं होगा।

देश भर में खुल गए मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल, मॉल और होटलों में भी काम होगा शुरु

नयी दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद आज सोमवार से देशभर में अधिकतर जगहों पर मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल खुल गए हैं। आज ही शॉपिंग मॉल, होटल और रेस्तरां फिर से खुलने जा रहे हैं, जिनमें नये नियमों के तहत प्रवेश के लिए टोकन प्रणाली जैसी प्रणालियां होंगी, वहीं मंदिरों में ‘प्रसाद’ आदि का वितरण नहीं होगा। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इन सबके खुलने से नयी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। 

भारत लॉकडाउन से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के साथ सभी गैर-निरुद्ध क्षेत्रों में प्रतिबंधित गतिविधियां बहाल करने के लिए तीन चरणों की योजना के तहत पहला दौर ‘अनलॉक-1’ के रूप में तब शुरू होने जा रहा है, जब देश में रविवार को लगातार पांचवें दिन भी कोविड-19 के मामलों में 9,000 से अधिक की वृद्धि हुई। उक्त एसओपी 30 जून तक प्रभाव में रहेगी।

देश में रविवार को लगातार पांचवें दिन भी एक दिन में सर्वाधिक मामले सामने आने का सिलसिला जारी रहा जहां, 9,971 नये मामले सामने आने से देश में कुल संक्रमितों की संख्या 2,46,628 पर पहुंच गई है वहीं मृतक संख्या 6,929 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में शनिवार सुबह से लेकर पिछले 24 घंटों में 287 लोगों की मौत हुई है। शनिवार को भारत स्पेन को पीछे छोड़कर कोविड-19 वैश्विक महामारी से बुरी तरह प्रभावित दुनिया का पांचवां देश बन गया है। अब, केवल अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन ही उससे इस मामले में ऊपर हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब भी 1,20,406 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। मंत्रालय ने बताया कि कुल 1,19,292 लोग बीमारी से स्वस्थ हो गए हैं और एक मरीज विदेश चला गया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अब तक करीब 48.37 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।”

संक्रमण के कुल मामलों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नया दौर खासतौर पर पांच सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों के लिए चुनौती वाला है जहां देश के कुल संक्रमण के मामलों के करीब 70 प्रतिशत मामले हैं और इन पांच राज्यों में करीब 78 प्रतिशत मौत के मामले आए हैं। देश में संक्रमण के सबसे ज्यादा 82,975 मामले महाराष्ट्र में हैं। इसके बाद तमिलनाडु में 30,152, दिल्ली में 27,654, गुजरात में 20,097 और राजस्थान में 10,331 मामले हैं। इन पांच सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों के बाद उत्तर प्रदेश में 9,733 और मध्य प्रदेश में 9,228 लोग संक्रमित हैं जो दस हजार के करीब हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यहां लगातार तीसरे दिन एक दिन में सर्वाधिक 449 मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,187 हो गई है। तमिलनाडु, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में भी एक दिन में रिकॉर्ड मामले सामने आए हैं।

जम्मू कश्मीर में 620 नये मामले सामने आने के साथ रोगियों की कुल संख्या 4,087 पहुंच गयी है। महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,007 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 85,975 हो गई। अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले चीन के मामलों से भी अधिक हो गए हैं। चीन में संक्रमण के 83,036 मामलों की पुष्टि हुई है। हालांकि मुंबई के धारावी से कुछ अच्छी खबरें हैं जो अति प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। बृहन्मुंबई नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले छह दिन में एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में कोविड-19 से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है, वहीं यहां कुल 1,899 रोगियों में से 939 स्वस्थ हो चुके हैं। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एसओपी जारी किये जाने के बाद शॉपिंग मॉल, होटलों और रेस्तरांओं तथा धार्मिक स्थलों पर जाना अब लॉकडाउन लगने से पहले की तरह नहीं होगा। मॉल में सिनेमा हॉल, गेमिंग आर्केड और बच्चों के खेलने की जगहें पहले की तरह प्रतिबंधित स्थल में रहेंगी। एसओपी परामर्श वाली प्रकृति के हैं और केंद्र सरकार ने इनका ब्योरा तय करने का अधिकार राज्यों को दिया है। मसलन पंजाब सरकार ने अपने दिशानिर्देशों के तहत मॉलों में प्रवेश के लिए टोकन देने की प्रणाली अपनाई है। गुजरात में कुछ धार्मिक स्थलों ने पालियों में प्रार्थना आयोजित करने का फैसला किया है और श्रद्धालुओं के आने के लिहाज से समय निर्दिष्ट करते हुए टोकन प्रणाली शुरू की है ताकि सामाजिक दूरी के नियम का पालन हो और भीड़-भाड़ नहीं हो। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पताल और निजी अस्पताल कोरोना वायरस संकट के दौरान केवल दिल्लीवासियों का इलाज करेंगे वहीं शहर की सीमाएं सोमवार से फिर खुल जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मीडिया का एक धड़ा महामारी से लड़ने को लेकर भारत के फैसलों पर खबरें दे रहा है। सरकार ने जोर दिया कि कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि की पुष्ठभूमि में लॉकडाउन का फैसला किया गया। मंत्रालय ने कहा कि संक्रमित मामलों के दोगुना होने की दर निम्न स्तर पर है, जिसके बढ़ने से अधिक मामले सामने आए और मृत्यु दर बढ़ने का खतरा था, जैसा कई पश्चिमी देशों ने अनुभव किया। कोविड-19 मरीजों की बाढ़ से स्वास्थ्य सेवा के धराशायी होने की आशंका वास्तविकता हो जाती। बयान में कहा गया कि लॉकडाउन को लेकर सभी राज्य सरकारों के बीच सहमति थी। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने पहले ही लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों से लाखों संक्रमण और हजारों मौतों के टलने संबंधी सूचना साझा की है। इससे स्वास्थ्य प्रणाली और लोगों की तैयारियों में बहुत फायदा हुआ है।

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मंत्रालय ने कहा कि नीतियों और रणनीति को लगातार संशोधित करने की जरूरत है ताकि देश के सामने तेजी से बदल रही परिस्थितियों का सामना किया जा सके। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी आठ जून से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत 820 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को खोलने की मंजूरी दे दी है, जिनमें पूजास्थल हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने यह जानकारी दी। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत कर्नाटक सरकार ने धार्मिक स्थलों के लिए सामाजिक दूरी बनाकर रखने, तीर्थ (पवित्र जल) या प्रसाद नहीं बांटने और विशेष पूजा अर्चना पर रोक रखने के नियम तय किये हैं। गोवा में चर्च और मस्जिदों को कुछ और समय तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोलने पर अभी फैसला नहीं किया है।


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